8/12/2010

भारत का सबसे अच्छा प्रधानमंत्री कोन हो सकता है ?

ये श्रीमान को श्रेय जाता है की ये भारत के सबसे निकम्मे प्रधानमंत्री हे ! हमें इस बात का कोई गर्व नहीं है की वो इतने पढ़े लिखे है, लीडर का मतलब दुनिया को रास्ता दिखलाये लेकिन वो खुद ही किसी दुसरें के बताये रस्ते पर चलता हो तो क्या कहने, उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में एक से एक भ्रस्ठ नेता रखे है, सिर्फ लालू और मुलायम भैय्या, कल्याण, माया की सख्त जरुरत है, कैसे - कैसे नेता है जिनको बराबर से बोलना भी नहीं आता है, सिर्फ अंग्रेजी बोलने से प्रधानमंत्री नहीं बनता या फिर इंडियन ऑफ़ डी यर
जेसे बकवास कार्यक्रमों / मार्केटिंग के फंडों में आने से कोई बड़ा नेता नहीं होता,नेता वो होता है जो देश की तक़दीर बदल दे, है तुममे इतनी हिम्मत जो तुम परमाणु विस्पोठ कर दिखलाओ, तुम्हारे राज में चक्के भी रोड पर आते है और अपना हक़ मांगते है और कोर्ट में जाते है, भारत स्वाभिमान दल को आने दो इस पुरे देश का काया पलट करना है, सभी विदेशी वस्तुओ, ब्रांड की होली जलाना है, आपको कोई पूछता है की इतनी विदेशी कंपनियों की आवश्यकता क्यों तो,  बेवकूफाना भरे जवाब देते हे की भाई क्या हे की हमारे देश को खून की जरुरत है, इसलिए विदेश से खून मंगवाया है, याद रखो ये खून धीरे धीरे मांस बनेगा और वापस हम गुलाम बनेंगे, एक बात समझ में नहीं आती है, कोंग्रेसियो को विदेश इतना क्यों प्यारा लगता है नेहरु को देखो, कितनो से इश्क लड़ाया, चीन से हारें, और नाक कटवाई, पाकिस्तान गोलाबारी करता है या फिर हमारें निर्दोषों को मरता  है तो ओबामा ओबामा चिल्लातें हुए अमेरिका घुमने भाग जाते है , छि !अभी येही दिन देखना बाकि रह गया था भारत के इतिहास में, राहुल गांदी जैसो को देखो पाच रुपये की रोटी खाने के लिए गरीबों के घर खाना खाने का नाटक करता है ये पेट्रोल व् डीजल का पैसा कहा से आया है, हेलिकोप्टर वगेरह वगेरह, बेलगाडी से उनके घर क्यों नहीं जाते , जिस किसी को अगर देश के खिलाफ जाना है या देशद्रोह करना है, पैसे कमाना है सुपर फास्ट   तो कांग्रेस पार्टी से सुरक्षित कोई जगह नहीं है, यह राष्ट्रभक्तो की नहीं राष्ट्रभ्रष्टों की पार्टी है ! जहा पर कसाब, गुरु जैसे गुलाब जामुन खा रहे है, वैसे गुरुं ने कौनसा गलत काम किया उसने संसद भवन को उड़ाने की जुर्रत की, वो संसद भवन तो हमारे गुलामी की निशानी है, अंग्रेज छोड़ गए और हमने उनकी गुलामी की निशानिया संभालकर रखी है, हमें ओल्ड कलेक्शन करने की आदत जो है , लेकिन जो एवर गोल्ड हमारी संस्कृति हे ना उससे हमें बदबुं आती है, क्योकि वो संस्कृति वो सेंत नहीं लगाती हे न जो बिपाशा बासु लगाती है ! ये संस्कृति वो नहीं सिखाती हे न जो रखी सिखाती है छोटे छोटे बच्चो को, काले अंग्रेजों की संख्या दिन ब दिन बढती ही जा रही है, स्वामीजी को आने दो इतनी पैसो की बर्बादी हो रही है ना ! पैसे खर्च करने के लिए न जाने कितने आयोजन करते है ये घुसखोर, लुटेरें, कोमन वेल्थ गेम = कोमन ( आम ) आदमी के पैसों का गेम , क्योकि इन लोगो को कोमन आदमी से जबरदस्त लगाव है न !  पैसो की बर्बादी से इनका क्या लेना देना, पैसे इन लोगो ने थोड़े कमाए है, गरीब लोगो की कमाई है भारत का सबसे अच्छा प्रधानमंत्री कोन हो सकता है ?
ऐसा प्रधानमंत्री जो किसी के हाथों की कठपुतली न हों, विदेशी कंपनियों को लात मारकर खदेड़ें ! नए सिरे सविधान बनाये पुराने मुर्दे व् अंधे संविधान को मिटा दे, बोलीवुड के चक्कों पर लगाम कसे व् नंगापन एवं विदेशी संस्कृति के सामने पिघलने वाले ये काले अंग्रेजों पर नकेल कसे , एवं बड़े बड़े व् नोंसेंस कमेन्ट करने वाले हीरो पर डंडे बरसाए, दुनिया में भारत को एक ताकत बनाये ! एवं भारत का वही पुराना व् ताकतवर स्वरूप वापस लायें जय हिंद ! जय भारत!